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हमारी दास्ताँ
राजनीति के लिए युवाओं को विकसित करने वाली एक संस्था स्थापित करने का विचार पहली बार 2013 में हमारे सामने आया। वर्षों से, विकास के क्षेत्र में हमारी यात्रा के दौरान, हमने सीखा कि लोगों को व्यक्तिगत परिवर्तन के मार्ग पर लाना मुमकिन है। तब हमने खुद से पूछा, कि क्यों न राजनीति और लोकतंत्र के लिए ऐसा किया जाए? 2018 में, हमने इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी की नींव इस उम्मीद में रखी कि यह अंततः एक ऐसी संस्था बन जाएगी जो सिद्धांतवादी नेताओं का निर्माण करेगी। इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी के लोग विविध राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन हम एक ही तरह के अटूट सिद्धांतों, नज़रियों और मूल्यों में विश्वास रखते हैं जो सर्वोदय के केंद्र में हैं। हम राष्ट्र-निर्माण को लेकर उत्साहित है और भारत और इसके लोगों के लिए बेहिचक समर्पित हैं।
हम टीम के 3 नए सदस्यों की तलाश कर रहे हैं, अधिक विवरण यहां पाएं:



टीम से मिलें

सह-संस्थापक
हेमाक्षी मेघानी
हिमाक्षी मेघानी ने हार्वर्ड केनेडी स्कूल से पब्लिक पॉलिसी के क्षेत्र में एक विश्व बैंक स्नातक के रूप में मास्टर्स की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने 2011 में टीच फॉर इंडिया फेलो के रूप में अपनी यात्रा शुरू की, फिर बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के साथ काम किया, और शिक्षा और सामाजिक-राजनीतिक परामर्श क्षेत्र के दो स्टार्ट-अप का हिस्सा रही हैं।
हिमाक्षी ने दुनिया भर के विभिन्न नेतृत्व मंचों में भाग लिया और उनकी टीम का हिस्सा भी रही हैं, और अनुकूली (अडॉप्टिव) नेतृत्व में एक प्रशिक्षित कोच हैं। वह राजनीति, नीचे से ऊपर(बॉटम अप) सामाजिक सुधार और लोकतंत्र को देश के प्रत्येक नागरिक के लिए कारगर बनाने के लिए उत्साहित है।
उन्हें देश के सुदूर हिस्सों को घूमने तथा बाहरी और आंतरिक यात्रा करने में आनंद मिलता है। हिमाक्षी का सपना है वे किसी दिन किसान बनें।

सह-संस्थापक
प्रखर भारतीय
एक इंजीनियर और टीच फॉर इंडिया 2011 के फेलो रह चुके प्रखर, जमीनी नेतृत्व के लक्ष्य पर काम करती संस्था, यूथ अलायंस (YA) के संस्थापक हैं। पिछले सात वर्षों में, प्रखर ने YA को आकार दिया और युवाओं के लिए ग्रामीण भारत में मंथन-यात्राओं की शुरुआत की। कई सामाजिक उद्यमियों के मार्गदर्शक प्रखर, कट-कथा और शिक्षार्थ के बोर्ड-मेम्बर के रुप में भी अपनी सेवा देते हैं।
2018 में, प्रखर लोक प्रशासन में मास्टर्स करने के लिए कोलंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क चले गए थे जहाँ उन्होंने इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी को सफल बनाने के लिए आवश्यक शैक्षणिक विशेषज्ञता और नेटवर्क निर्माण में अपना समय बिताया। प्रखर अपने और अपने आसपास के लोगों के लिए काम को मज़ेदार बना देते हैं। कॉफी पर बातचीत के लिए प्रखर हमेशा तैयार रहते हैं। विनोबा से प्रेरित होकर, वह पूरे भारत में पद-यात्रा करना चाहते हैं और लोगों के दिलों को जोड़ने की दिशा में अपना जीवन व्यतीत करना चाहते हैं।

प्रोग्राम लीड
अंकित नवआशा
अंकित 'सिटी का अधिकार' के एक्टिविस्ट रहे है, जो मुख्य रूप से अनौपचारिक श्रमिकों के लिए आवास और सामाजिक सुरक्षा की वकालत करता है। उन ्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता और सामाजिक कार्य का अध्ययन किया है और समाचार पोर्टलों के लिए बड़े पैमाने पर लिखा है। उन्होंने पहले यूथ फॉर यूनिटी एंड वॉलंटरी एक्शन (YUVA) और नेशनल हॉकर फेडरेशन के साथ काम किया है।

प्रोग्राम सीनियर एसोसिएट
पौसाली सर्कार
पुसाली दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक हैं और यंग इंडिया फेलो हैं। उनकी रुचि के प्रमुख क्षेत्रों में से एक भारतीय लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम करना है। इसके साथ ही उन्हें रंगमंच, कला , साहित्य और गीतों के माध्यम से लोगों से जुड़ने का शौक है।


सीनियर मैनेजर
समीर
समीर ने डेवलपमेंट स्टडीज में पोस्ट-ग्रेजुएशन और पीस स्टडीज़ में मास्टर डिग्री हासिल की है। शांति-निर्माण के जुनून से प्रेरित होकर, उन्होंने दक्षिण एशिया में युवा शांति और सुरक्षा एजेंडे में योगदान दिया है। एक सामाजिक उद्यमी के रूप में, समीर ने एक सीमाहीन दुनिया की वकालत करने वाली एक कंपनी की स्थापना की। वह भोजन के माध्यम से विविध संस्कृतियों और इतिहास की खोज की सराहना करता है और शेफ बनने की इच्छा रखता है। समीर की विविध रुचियों में दर्शन और आध्यात्मिकता शामिल हैं,वह यात्रा करना और विभिन्न संस्कृतियों का पता लगाना पसंद करती है। उसका सपना एक ऐसी दुनिया में रहने का है जहां भेदभाव न हो |

सीनियर एसोसिए ट प्रोग्राम
अनुपमा
अनुपमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन और अपराध विज्ञान और न्याय में सामाजिक कार्य में TISS से पोस्ट ग्रेजुएशन प्राप्त की है। वह पहले IPAC में एक राजनीतिक सलाहकार की तरह काम कर चुकी है और प्रवाह संस्था में एक युवा विकास प्रोफेशनल के रूप में कार्यरत रही है । राजनीति में युवाओं को शामिल करने को लेकर उत्साहित, वह दोनों अनुभवों से सैद्धांतिक नैतिक नेतृत्व के निर्माण में हाथ बंटाने की उम्मीद करती है और युवाओं को इस क्षेत्र में अधिक से अधिक शामिल करने की उम्मीद करती है। इसके साथ-साथ, वह देश भर और विदेशों (स्व-प्रमाणित बीटीएस आर्मी) से संगीत सुनना पसंद करती है, कभी-कभी यूकुलेले बजाना पसंद करती हैं और बुरे चुटकुले सुनाने में माहिर हैं।


टीम के सदस्य
सौरभ
सौरभ इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी के टीम के सदस्य हैं और यहाँ आउटरीच, चयन और पार्टनरशिप आधारित शॉर्ट-टर्म प्रोग्राम्स की ज़िम्मेदारी संभालते हैं। भारतीय राजनीति में एक दशक से अधिक का अनुभव रखते हुए, उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के साथ कैंपेन और कम्युनिकेशन पर सलाहकारी भूमिकाएँ निभाई हैं। उनके अकादमिक शोध का केंद्र पॉपुलिज़्म, राजनीतिक दल और चुनावी सुधार हैं, और उनके लेख ईपीडब्ल्यू, यूरोपियन सेंटर फॉर पॉपुलिज़्म स्टडीज और द टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी और गवर्नेंस में मास्टर्स किया है और वे गांधी फेलो भी हैं। काम के अलावा उन्हें खाना बनाना, फोटोग्राफी और कविता लिखना पसंद है।

सीनियर एसोसिएट आउटरीच
उबेर सोफी
उबैर हमें देश भर से प्रतिभागियों को ढूंढने में मदद करते है। 2017 में, उन्होंने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से बी.टेक की डिग्री के साथ स्नातक किया। वह पहले स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन पर जल शक्ति मंत्रालय के सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं।
उन्हें ट्रैकिंग, यात्रा और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ बातचीत करना पसंद है।

सीनियर एसोसिएट
राजन थापा
राजन का वित्त और प्रशासन में 2019 से मज़बूत आधार है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री प्राप्त की है। राजन को नए लोगों से मिलना और दोस्ती करना बहुत पसंद है, और उनके काम के प्रति जुनून उनके हर काम में झलकता है। अपने मिलनसार और सकारात्मक रवैये के लिए जाने जाने वाले, वह एक मूल्यवान टीम सदस्य हैं और उन्हें क्लबिंग का भी शौक है। एक दिन उद्यमी बनने का सपना देखने वाले राजन हमेशा संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए प्रयासरत रहते हैं।

सीनियर एसोसिएट
लायबा
लायबा को विकास क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें उनका ध्यान जमीनी स्तर के मुद्दों और युवा सशक्तिकरण पर केंद्रित है। उन्होंने अलोहोमोरा एजुकेशन फ़ाउंडेशन के साथ अपनी यात्रा शुरू की, जहाँ उन्होंने 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को करियर विकल्पों और आत्म-जागरूकता में सहायता प्रदान की। बाद में उन्होंने बिहार के जमुई में अनइनहिबिटेड के साथ पहले पीरियड फ़ेलो और फिर क्षेत्रीय संचालन प्रमुख के रूप में काम किया और किशोरों और महिलाओं के साथ खुली बातचीत के माध्यम से मासिक धर्म से जुड़े कलंक को तोड़ा एवं यौन और प्रजनन स्वास्थ्य पर भी काम किया।
इन अनुभवों ने उनकी सहानुभूति, संचार और सुविधा कौशल को और गहरा किया, और राजनीति और नेतृत्व सामाजिक व्यवस्थाओं को कैसे आकार देते हैं, इसमें उनकी रुचि जगाई। इंडियन स्कूल ऑफ़ डेमोक्रेसी में, वह सिद्धांतवादी राजनीतिक नेताओं को विकसित करने और भारतीय लोकतंत्र को मज़बूत करने में योगदान देती हैं। काम के अलावा, वह कविताएँ लिखती और प्रस्तुत करती हैं, जो उन्हें चिंतन, अभिव्यक्ति और जुड़ाव का अवसर देती हैं।



सीनियर एसोसिएट नेतृत्व एवं संचार
ज़ोहरान जिलानी
ज़ोहरान जिलानी शांति अधिवक्ता हैं। वर्तमान में, वे नेतृत्व एवं संचार टीम से जुड़े हैं। उन्होंने सामाजिक कार्य में स्नातक और संघर्ष विश्लेषण एवं शांति निर्माण में स्नातकोत्तर की उपाधि ज . म . ई से प्राप्त की है। उन्हें सांप्रदायिक सद्भाव और युवा नेतृत्व के क्षेत्र में डिज़ाइन और सुविधा प्रदान करने का अनुभव है। उन्होंने शांति, न्याय और समानता को अपने मूल मूल्यों के रूप में पहचाना है। उन्हें सांप्रदायिक सद्भाव और मानवाधिकारों पर काम करने का शौक है। इसके अलावा, ज़ोहरान को कविताएँ पढ़ने और लिखने का भी शौक है। उन्होंने अपने काम के उद्देश्य को परिभाषित करने के लिए एक उद्धरण दिया है:
"इन काविशों के शोलों को अभी और तपाना है,
मुझे मुहब्बत का एक शहर बनाना है।"

संचार सलाहकार
विशाल दास
झारखंड के पाकुड़ में जन्मे और पले-बढ़े विशाल को फोटोग्राफी का शौक अपने स्मार्टफोन कैमरे से मिला। स्व-शिक्षित फोटोग्राफर होने के नाते, उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ़ फ़ोटोग्राफ़ी से फ़ोटोग्राफ़ी और फ़िल्म निर्माण में डुअल डिप्लोमा प्राप्त किया। मनमोहक परिदृश्यों और प्रकृति के शुरुआती अनुभव ने उन्हें चित्र रचना में अपने कौशल को विकसित करने में मदद की। दिल्ली में, उन्होंने व्यावसायिक फ़ोटोग्राफ़ी का बहुमूल्य अनुभव प्राप्त किया, जहाँ उन्होंने उत्पादों, फूड और मॉडलों को हैवी स्टूडियो लाइटों और उपकरणों के साथ शूट करना सीखा। सीमित संसाधनों के बावजूद, वे पेशेवर स्तर की तस्वीरें बनाते हैं।
फ़ोटोग्राफ़ी, ग्राफ़िक डिज़ाइन और ललित कलाओं में निपुण, विशाल अपनी तस्वीरों में प्रॉप्स की स्थापना और दृश्यांकन में पारंगत हैं। विशाल ने सरकारी मंत्रालयों, जानी-मानी कंपनियों और प्रतिष्ठित सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण आयोजनों और परियोजनाओं पर काम किया है, जिससे इस क्षेत्र में उनका अनुभव और प्रतिष्ठा बढ़ी है।
उन्हें ट्रेंडिंग मीम्स पर नज़र रखना भी पसंद है और अक्सर वे अपने काम में हास्य का तड़का लगाने के लिए उनका इस्तेमाल करते हैं।

हमारे मार्गदर्शक

अनुराग बहर
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन

अरुण मायरा
पूर्व योजना आयोग सदस्य,
बीसीजी इंडिया के अध्यक्ष, टीएएस

नग़मा मुल्ला
CEO एडेलगिव फाउंडेशन

परेश सुकथांकर
पूर्व डिप्टी एमडी, एचडीएफसी बैंक

तारा कृष्णस्वामी
सह संस्थापक,
शक्ति - महिलाओं को राजनीतिक शक्ति

उज्जवल ठक्कर
एजुकेट गर्ल्स,
पूर्व-सीईओ प्रथम भारत

वेंकट कृष्णन
इंडिया वेलफेयर ट्रस्ट, दान उत्सव, गिव इंडिया